बिहार में पंचायती विभाग की योजनाओं में लाल ईंट के उपयोग पर लगी रोक, जाने रोक लगने की वजह

बिहार सरकार ने पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित तमाम निर्माण योजनाओं में लाल ईंट के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। अब सभी निर्माण योजनाओं में फ्लाई एश ईट को उपयोग में लाना होगा। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बीते दिन शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सहयोग कार्यक्रम के पश्चात मीडिया बंधुओं को बताया कि पर्यावरण सुरक्षा, निर्माण और मजबूती की दृष्टि से यह फैसला लिया गया है। फ्लाई एश ईंट से ही पंचायती राज भवन, सामुदायिक भवन, नली-गली और कुओं के अलावे सभी तरह निर्माण कराए जाएंगे।

बता दें कि 5 से 10 जनवरी के बीच पंचायती राज विभाग प्रदेश स्तर पर अभियान चलाकर सार्वजनिक कुओं का जीर्णोंद्धार कराएगा। 5 जनवरी के दिन को का जीर्णोद्धार, छह को कुओं के पास सोख्ता निर्माण का उद्घाटन और सात को कुओं पर चेन पुली, ग्रिल कवर का अधिष्ठापन, चबूतरा एवं पारापेट का निर्माण कराया जाएगा। उसके बाद रंगाई और पुताई कराने का भी आदेश दिया गया है। तकनीकी सहायक के देखरेख में सभी कार्यों को संपन्न कराया जाएगा। सम्राट चौधरी ने बताया कि जल जीवन हरियाली के तहत सभी काम कराए जाएंगे।

मंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत चुनाव के बाद लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पांच मुखिया की हत्या पर कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों को आम्र्स लाइसेंस लेने में राहत दिलाने पर विचार-विमर्श हो रहा है इस संबंध में गृह विभाग और जिला अधिकारियों से समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं।

मीडिया से मुखातिब होते हुए सम्राट चौधरी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने पर अपनी बातें रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विशेष राज्य का दर्जा बिहार को नहीं मिल सकता है। कुछ लोग ऐसी बातें कर रहे हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है।

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