सीआरपीएफ जवान की फायरिंग में 4 जवानों की मौत। बिहार के रहने वाले 3 जवानों के घर में पसरा मातम

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में अर्धसैनिक बल के एक शिविर में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक साथी द्वारा की गई गोलीबारी में चार जवानों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी के हवाले से यह खबर दी। घटना में 3 जवान घायल हो गए। इनमें 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें चॉपर से रायपुर रेफर किया जा रहा है। घटना के बाद आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है|

आरोपी जवान का साथियों से हुआ था विवाद।

जानकारी के मुताबिक, घटना कोंटा विकासखंड के ग्राम लिंगनपल्ली स्थित 217 बटालियन कैंप की है। देर रात करीब 3.15 बजे CRPF जवान रितेश रंजन ने अपने साथियों पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से 2 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। इसी कैंप में 85वीं बटालियन के जवानों का भी कैंप है। देर रात गोली चलने से हड़कंप मच गया। अन्य जवान दौड़ कर मौके पर पहुंचे। इसके बाद अफसरों को जानकारी दी गई।
बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश या मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण आरोपी जवान ने फायरिंग की। एक दिन पहले भी उसका साथी जवानों से विवाद हुआ था। आरोपी जवान कई दिनों से परेशान था।

मृतक जवानों के घर बिहार में पसरा मातम।

मरने वाले 4 जवानों में 3 बिहार के रहने वाले थे। भोजपुर के बिहियां प्रखंड अंतर्गत समरदाह गांव निवासी राजमणि कुमार यादव ने रात में वीडियो कॉल्स पर पत्नी से बात कर कहा था दिवाली पर छुट्टी नहीं मिली है अब 14 तारीख को आएंगे। लेकिन सुबह उनके मौत की खबर आ गई। उन्होंने अपने मां के लिए बैग खरीदा था और वीडियो कॉल पर उसे दिखा रहे थे।
उन्होंने अपनी पत्नी से पूछा था कि, तोहरा के का चाही? तो उनकी पत्नी ने जवाब दिया था कि, हमरा के कुछ ना चाहि बस रऊआ आ जाइं।

उधर रोहतास जिले के संझौली थाना अंतर्गत गरुड़ा ग्राम के निवासी धर्मेंद्र सिंह भी शामिल हैं। वह छठ पर्व पर घर आने वाले थे। पत्नी, बच्चों को सासाराम से लेकर सोमवार सुबह पैतृक गांव चली गई थी। घर पहुंचने पर उनकी पत्नी के मोबाइल पर धर्मेंद्र की मौत की खबर आते ही छठ पूजा का सारा उत्साह मातम में बदल गया।

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